नमस्कार दोस्तों, कैसे हैं आप सब। हमने ना, इस बार एक जीनी को बुलाया। यकीन मानिए ये जीनी आपके लिए ऐसे ऐसे फंडू आइडियाज़ लेकर आया है जिन्हें जानकर आप हमारे जीनी को मन ही मन थैंक्यू कहेंगे। अभी थोड़ी गर्मी चल रही है न इसलिए हमारा जीनी आराम कर रहा है। अभी उसे निकालते हैं चिराग से बाहर। ओम फट स्वाहा। निकल बाहर और चालान से बचने के बेस्ट आइडियाज़ निकाल बाहर। जीनी – जो हुकुम मेरे आका।

ट्रैफिक नियमों का पालन करके

दोस्तों, आपको अगर हम कहें कि दुनिया का सबसे मुश्किल काम कौन सा है तो आपका जवाब क्या होगा? शायद आप में से बहुत से लोग पहाड़ पर चढ़ना कहेंगे, कुंवारे और सिंगल लोग कहेंगे लड़की पटाना सबसे मुश्किल काम है। या फिर अगर आप शादीशुदा हैं तो आपके लिए सबसे ज्यादा मुश्किल काम है बीवी को मनाना या फिर उसे समझना। क्योंकि लड़कियां दिल में तो आती हैं लेकिन समझ में नहीं आती हैं। खैर ये तो मजाक की बात रही।

पर आपको हम बता दें, इन सबसे भी ज़्यादा मुश्किल काम अगर कोई है तो वो है ट्रैफिक नियमों का पालन करना। आप भी कहेंगे बाबा रे बाबा ये क्या कह दिया मियां। भला ये कैसे मुश्किल काम हुआ। लेकिन ये बिलकुल सच है। आज के जमाने में ट्रैफिक नियमों का पालन करना चांद पर जाने जितना मुश्किल काम हो गया है। आजकल लोग ट्रैफिक नियम तोड़ने को एक फैशन सा समझने लगे हैं। जिसे देखो बस एक ही धुन सवार है कि कब कोई चूक हो जाए और कब उनकी टैं बोल जाए। यानी वो दीवार पर तस्वीर के रूप में लटक जाएं। हां-हां, डायरेक्टली नहीं, लेकिन हरकतें तो इन लोगों की कुछ इसी ओर इशारा करती हैं कि इन्हें अपनी जान की परवाह ही नहीं है।

अरे यारों, अपनी जान की नही तो कम से कम अपनी ‘जान’ (जिनसे आप प्यार करते हैं) उसकी तो परवाह कर लो। आप अपना सर फुड़वाने को तैयार हो जाएंगे, अपनी गाड़ी या स्कूटी जब्त करवाना भी आपको मंजूर है, लेकिन ट्रैफिक नियमों का पालन कर लेंगे तो आपकी जैसे शान घट जाएगी। हां नई तो। चालान से बचने का इससे बढ़िया तरीका तो कोई हो ही नहीं सकता जी कि आप ट्रैफिक रूल फाॅलो करें। चलिए अगर आपको ये आइडिया बहुत काॅमन सा लगा हो तो आप जीनी के बताए हुए और भी तरीके अपना सकते हैं जिससे आपका चालान काटने के बारे में कोई सोचेगा तक नहीं।

धर्मो रक्षति राइडर , जीनी भईया ने हमारे कान में एक और आईडिया फुसफुसाया है। वो कह रहे हैं कि आप अपने धर्म का सहारा ले सकते हैं। जब भी आप किसी धर्म का स्टीकर या फिर किसी पार्टी का झंडा अपनी फटफटिया के आगे चिपकाएंगे तो मजाल है किसी वर्दी वाले की आपके आगे चूं भी कर दे। साहब चाय लेंगे, कुछ ठंडा मंवाऊं, क्या सेवा करूं आपकी महाराज। यही सवाल कोई भी पुलिस वाला आप पर दागेगा अगर आपने रूलिंग पार्टी का झंडा लगवा लिया अपनी बाइक या कार पर। ऐसी सेवा तो उस पुलिस वाले ने कभी अपने बाप की नहीं की होगी जैसी वो आपकी करेगा। जोर.जोर से धार्मिक नारे लगाइए और सनसनाते हुए, जुल्फें लहराते हुए पुलिस वाले के सामने से निकल जाइए।

तिरंगा लगाओ, चालान बचाओ

अकसर देखा जाता है कि जब 26 जनवरी या फिर 15 अगस्त का दिन आता है तो हमारे अंदर की देश भक्ति के कीड़े को जैसे बुखार सा हो जाता है। वो भी थोड़ा नहीं, पूरा 104 के पार। इन दो महीनों में हमारी देशभक्ति का मुकाबला तो कोई बाॅर्डर का जवान भी न कर पाए।

बस आप हमारी जीनी के इस आईडिए को अपनाइए और निकल पड़िए अपनी गाड़ी पर डंडे के ऊपर झंडा लगाकर। आप अपनी सहूलियत के अनुसार भारत माता की जयए जय हिंदए वंदे मातरम के नारे लगाइए और सनसनाते हुए निकल जाइए।

नेता की रैलीए जादू की थैली

जैसा कि आप सब जानते ही हैं, कभी किसी त्यौहार के नाम पर तो कभी इलेक्शन के नाम पर भारत देश में रैलियां होना आम बात है। लगभग हर दिन कोई न कोई रैली होती ही रहती है। बस आपको इसी बात का फायदा उठाना है।

जैसे ही दिखे कि सामने पुलिस खड़ी है बस तपाक से किसी रैली में लपक लो। आपको पुलिस वाला कुछ बोल ही नहीं पाएगा। उड़ाना नियमों की धज्जियां। मजाल है पुलिस वाला चूं भी कर दे। आप पर नियम तोड़ने का इलज़ाम नहीं लगेगा हुजूर।

विधायक को बनाया चाचा, तो पड़ेगा तमाचा

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अगर आप ये सोचते हैं कि फटफटिया पर सवार होकर, ‘विधायक चाचा हैं हमारे’ का स्टीकर लगाकर चालान से बच जाएंगे। तो जनाब अपनी अकल को जो घांस चरने गई है उसे वापस बुला लीजिए। ये हम कह रहा हूं। अगर आप ने विधायक को चाचा बताया है और बाइक का साथ निभाया है तो आप बचेंगे नहीं। ‘रुक रे। बुड़बक समझ रखा है का पुलिस को’। इन्हीं शब्दों से पुलिस वाला आपका स्वागत करेगा और थमा देगा दोगुने चालान की पर्ची आप के ही हाथ पर। वो क्या है ना बबुआ, आजकल विधायकों के भतीजे भी फॉर्च्यूनर पर निकलते हैं मोटरसाइकिल पर नहीं।

सरक-सरक कर रास्ता साफ 

भाई लोगों, अपने जीनी भईया ने एक और मंत्र फूंका है हमारे कान की गुफा में। वो मंत्र है सरक सरक के चलो। नहीं समझे का। हम समझावत हैं। दोस्तों, ये फारमूला तो बाबा आजम के जमाने का है और काम भी करता है। हां, अगर इसको यूज़ करके भी आप चालान से न बच पाए तो फिर आपकी किस्मत। आप एक काम करें। जब भी आपको सामने पुलिसवाले खड़े दिखें, आप बाइक से उतर जाएं। हांफते हुए, बेचारी सी, रोनी सी सूरत बनाकर पुलिसवाले के सामने से बाइक को घसीटते हुए निकल जाएं। अगर आपने हेलमेट नहीं पहना हो तो। जो कि हम जानते हैं आपने बिलकुल नहीं पहना होगा। पुलिस ने अगर पूछा कि क्या हुआ तो कहना सर्विसिंग करवाने जा रहे हैं। या फिर कहना पेट्रोल खत्म हो गया है भरवाने जा रहे हैं। ऐसा ही गाड़ी के कागज पूरे न होने पर करें। गाड़ी से उतर कर गाड़ी को धक्का लगाते हुए पुलिस के सामने से निकल जाएं। चालान करने की कोई सोचेगा तक नहीं। याद रखेंए खराब गाड़ी का चालान नहीं हो सकता।

पुलिस पकड़े तो विक्टिम बन जाओ

दोस्तों हमार जीनी भैया ने एक और तरकीब बताई है। वो कह रहे हैं कि अगर आप रास्ते में जा रहे हैं तो पर्स तो रखते ही होंगे। बस यही आपको तब नहीं करना है जब आपके पास गाड़ी के कागज पूरे न हों या हेल्मेट न पहना हो। इससे होगा ये कि अगर आप पकड़े गए तो आपको तुरंत उस पुलिस वाले को पैसे नहीं देने पड़ेंगे जो कि वो रिश्वत के तौर पर लेते हैं और आपको छोड़ देते हैं। आपने वो कहावत तो सुनी ही होगी ‘‘उलटा चोर कोतवाल को डांटे।’’ आपको यही करना है। भोला और मासूम बनकर पुलिस वालों पर ही भड़क जाइए। कह दीजिए कि अभी-अभी आपके साथ लूट की वारदात हुई है और आपका मोबाईल तथा कागज और हैल्मेट भी छीन लिया। भला किसी की नजर आपके मोजो पर कैसे जा सकती है जहां पर आपने अपना मोबाइल छुपाया हो। समझ गए ना हम क्या कहना चाह रहे हैं। मोबाइल फोन को मोजो  में छुपाने के बाद ही ये नाटक करें। पुलिस वालों को ही डांट दें कि ये कैसी व्यवस्था है आपकी। चोर, लुटेरे खुले आम घूम रहे हैं आपके राज में। बस फिर देखिए जादू। आपका चालान काटने की सोचेंगे तक नहीं ये वर्दी वाले। कल्प्रिट होने से बचने के लिए विक्टिम बन जाएं।

बिना मतलब की रिश्तेदारी निकालें

अब हम जो आपको बताने जा रहे हैं ये आज़्माई हुई टैकनीक है। क्या हुआ कि एक बार हम रास्ते से जा रहे थे। पुलिस वाले ने रोका और कहा गाड़ी साइड में लगाओ।

बस फिर क्या, हमने अपने दिमाग की बत्ती जलाई। हम बोले कउन गांव से हो सर जी। वो बोला फलाने गांव से। हम बोले वहां तो हमारी बुआ रहती हैं। हम भी आप ही के गांव से हैं महाराज। इतना सुनते ही वो पुलिस वाला तो आवभगत पर उतर आया। चालान काटना तो दूर, हमें अपने घर पर आने का न्यौता भी दे डाला। बुड़बक कहीं का। हा हा हा।

पुलिस को देखते ही, कट लें

अब हम आपको एकदम बेस्ट वाला फारमूला बतावत हैं। आजमाइएगा जरूर। अगर आपको चालान कटवाने से बचना है तो आप अपनी पारखी नजर रखें। आप एक काम करें। जैसे ही पुलिस बाबा आते दिखें, तुरंत अपनी स्कूटी या मोटरसाइकिल को कहें कि तनिक घूम जाओ। यानी कि यू टर्न ले लें और किसी गली से बचकर निकल जाएं जहां आप जानते हों कि पुलिस खड़ी ही नहीं होती है। हां अगर आप गाड़ी में हैं तो आपको थोड़ी दिक्कत हो सकती है यू टर्न लेने में। देखो भई, हम तो कहेंगे कि ये फारमूला गजब का काम करता है। आपका लक मामा साथ है तो चालान से बचा देगा। नहीं साथ है तो यू र्टन लेते समय ट्रक से भिड़ा देगा। चलो इसी बहाने आपके घर में पड़े खाली फ्रेम को आपकी फोटो के साथ दिवार पर चिपकने का मौका तो मिलेगा। एकदम छिपक्कली के माफिक।

तो दोस्तों, हमारी बताई हुई बातों को याद रखें और अपना लक अपने साथ रखें। आप जरूर चालान से बच जाएंगे। क्योंकि आप तो नियम तोड़ू हैं न। ट्रैफिक नियम जो कि जरूरी हैं, उनका पालन कहां कर पाएंगे। अब हमारे जीनी भइया को आराम करने दीजिए इजाज़्त। नमस्कार। वड़कक्कम जी।