दोस्तो, केवल भारत ही नहीं बल्कि पूरी दुनिया में लाखों ऐसे लोग हैं जो अपने घरों में पेट्स यानी कि पालतु जानवरों को पालते हैं। इनसे हर कोई प्यार करता है। आमतौर पर लोग अपने घरों में कुत्तों को पालना पसंद करते हैं।इसके अलावा कुछ लोग अलग-अलग पेट्स अपने घरों में पालते हैं जिनमें शामिल हैं कुत्ते, बिल्ली और यहां तक कि महाराष्ट्र में ऐसा भी एक गांव है जहां पर लोग शौक के तौर पर सांपों को पालते हैं

भारत में लाखों ऐसे लोग हैं जो अपने घरों में कुत्तों को पालते हैं। इनमें भी सबसे प्यारे और खूबसूरत होते हैं छोटे पप्पी यानी कुत्तों के बच्चे।बहुत से लोग ऐसे भी होते हैं जिन्हें पिल्लों के साथ खेलना और उन्हें अपने घर में पालना बहुत पसंद होता है। लेकिन कई बार घर के अन्य सदस्य इस बात पर राजी नहीं होते और आपकी ये इच्छा दबी रह जाती है। अगर आपके घर में भी है बेबी डाॅग तो ये आर्टिकल आपको बहुत मदद करने वाला है।

हम आज आपको बताएंगे कि कैसे आप अपने घर में पाले बेबी डाॅग्स यानी पप्पी का अच्छे से ख्याल रख सकते हैं। कुत्ते को इंसान का दोस्त माना जाता है। वे घर की सुरक्षा तो करते ही हैं, साथ में आपका दिल भी बहलाते हैं। अगर आप थके मांदे घर आए हैं तो कुछ देर अपने पपी के साथ खेल कर देखिए आपकी सारी थकान गायब हो जाएगी। पपी केवल खेलने या मन बहलाने की वस्तु नहीं है, इसे हम जब अपने परिवार का सदस्य मान लेते हैं तो इसकी ओर हमारी जिम्मेदारी और भी बढ़ जाती है। इसी कारण दोस्तों, पपी का ध्यान रखना बेहद जरूरी है। हो सकता है आपको इसका ख्याल रखने में काफी सारी परेशानियों का सामना करना पड़े मगर अगर आप थोड़ा सा टाइम अपने पपी के लिए निकालेंगे तो इसे भी अच्छा लगेगा और आप अच्छे से पपी का ध्यान रख पाएंगे।

आइए जानते हैं कि इसका ख्याल रखने के लिए आप क्या कर सकते हैं? इसे सीखना बेहद आसान है। सबसे पहले तो अगर आपके पास पपी नहीं है और आप उसे खरीदने की तलाश में हैं तो आपको इस बात पर विशेष ध्यान देना होगा कि आप जो पपी लाएं उसकी ब्रीड यानी नसल क्या है? आपको ऐसी ब्रीड का पपी पालना चाहिए जो कि आपके स्टेटस से मेल खाता हो। अगर आपने ऐसी ब्रीड का पपी ले लिया जिसकी देखभाल पर बहुत अधिक खर्च आता हो तो आप बहुत बड़ी मुसीबत में फंस सकते हैं। पपी को घर लाने के बाद आपकी जिम्मेदारी है कि उसे उसकी जरूरत के हिसाब से तीन समय का भोजन मिले। अगर आप अपने पपी को अच्छा खाना खिलाएंगे और उसे प्राॅपर डाइट देंगे तो वो बहुत जल्द आपको अपना मानने लगेगा और उसकी ग्रोथ भी तेजी से होगी। ऐसा भी हो सकता है कि आपका पपी कुछ भोजन को लेकर संवेदनशील हो।

आपको ही यह नोटिस करना पड़ेगा कि उसे किस तरह का भोजन खाना अच्छा लगता है और कौन सा नहीं। इसके अलावा आपको यह भी ध्यान रखना पड़ेगा कि आप जिस बर्तन में पपी को खाना खिला रहे हैं वो अच्छा और स्टाइलिश हो। इससे पपी को लगेगा कि आप उससे बहुत प्यार करते हैं। आपकी और पपी की बाॅंडिंग भी बढ़ेगी। अगर आप जमीन पर किसी पपी को खाना खिलाते हैं तो वो खा लेगा लेकिन उससे वो खुश नहीं रहेगा।

इसके अलावा आपको और भी कुछ जरूरी चीजे लेनी होंगी जिससे उसकी अच्छे से देखभाल हो सके। जिनमें ब्रश, कंघी, काॅलर तथा लीश आदि शामिल हैं। आपको अपने पपी को मिलनसार बनाना चाहिए। ऐसा करना पपी की देखभाल का एक अहम पहलू है। आप अपने पपी को यह एहसास दिलएं कि उसके आसपास बहुत से ऐसे लोग मौजूद हैं जो उससे प्यार करते हैं। इसके लिए आप उन्हें एक बार में केवल एक ही परिवार के सदस्यों से मिलवाएं। बच्चों का मन बहुत चंचल होता है और वो पपी को देखते ही उसके साथ खेलना चाहते हैं बिना किसी खतरे को भांपे हुए कि वो उन्हें काट भी सकता है। बहतर यही होगा कि आप अपने पपी के आस पास बच्चों को तो बिलकुल न आने दें। केवल तब तक, जब तक कि आपका पपी बच्चों को अपना न समझने लगे और घर के बाकी सदस्यों के साथ घुल मिल न जाए।

दोस्तों, अगर आपके घर में पपी के अलावा कोई और पेट् भी है तो उससे भी पपी को मिलवाएं जैसे बिल्ली या फिर लव बर्ड।दोस्तो, आपको इस बात पर भी खास ध्यान देने की जरूरत है कि पूरे दिन भर के बिजी शिड्यूल में से आप एक दिन या समय फिक्स कर लें कि जब आप अपना सारा ध्यान अपने पपी की देखभाल पर केंद्रित करेंगे इसके अलावा कोई काम नहीं। पपी को स्पेशल केयर चाहिए होता है।

आपको उस समय में अपने पपी की जरूरत को समझ कर उसे पूरा करना चाहिए। जब हमें कोई बीमारी होती है तो हम सीधा या तो उसका खुद ही इलाज कर लेते हैं या फिर डाॅक्टर को दिखाने के लिए पहुंचते हैं। ठीक उसी प्रकार आपका पपी भी किसी न किसी बीमारी से परेशान हो सकता है। बस जरूरत है उस परेशानी को सही समय पर पहचानकर उसे डाॅक्टर के पास लेकर जाने की। क्योंकि हम तो अपनी परेशानी समझ सकते हैं और दूसरों को भी समझा सकते हैं मगर आपका पपी न तो अपनी परेशानी को समझ सकता है और न ही उसे एक्सप्रेस कर सकता है। चाहे आपका पपी बीमार हो या न हो आप उसे रेगुलर बेसिस पर एक निश्चित समय बांध कर डाॅक्टर के पास ले जाकर उसकी जांच करवाएं

ऐसा करने से आपके पपी को अगर किसी तरह की समस्या होगी तो समय रहते उसे पता लगा लिया जाएगा। वरना देर होने पर पपी की जान भी जा सकती है और हमें यकीन है आप ऐसा बिलकुल भी नहीं चाहेंगे। जिस तरह हम लोग रोजाना कंघी करते हैं और नाखूनों के बड़े हो जाने पर उसे काट लेते हैं। बस ऐसी ही देखभाल और प्यार इन्हे भी चाहिए। अपने पपी को हमेंशा सुंदर बनाकर रखें। उनके बालों को कंघी करें और उनके नाखून भी काटे ताकि उन्हें किसी तरह की कोई परेशानी न उठानी पड़े।

रोज सुबह और शाम को अपने पपी को वाॅक पर नजदीक के पार्क में ले जाएं। जैसे हमें एक्सरसाइज़ की जरूरत होती है उसी प्रकार उन्हें भी फिट रहना पसंद है। आपको इस बात का भी ख्याल रखना होगा कि जो खाना आप खाते हैं वह खाना पपी को बिलकुल न दें। इंसानों और जानवरों का अलग अलग पाचन तंत्र होता है। ऐसा जरूरी नहीं कि जो खाना आपके लिए पौष्टिक हो वो पपी को भी सूट करे। चॉकलेट बिल्कुल न दें। यह पपी के लिए टाॅक्सिक यानी मीठा जहर का काम करता है।