दोस्तों, माया नगरी मुंबई जाने का सपना हर व्यक्ति देखता है। इस नगरी में बसी फिल्मी दुनिया यानी बाॅलीवुड में नाम कमाने के अरमान दिल में लिए हर कोई यहां पर आता है। कुछ सफल हो जाते हैं तो कुछ निराश होकर वापस लौट जाते हैं। कुछ ऐसे हैं जो यहां पर मिलने वाली चुनौतियों से हार जाते हैं। वहीं कुछ लोग ऐसे भी होते हैं जो अपनी चुनौतियों को घुटने टेकने पर मजबूर कर देते हैं।

बाॅलीवुड में अपनी एक अलग पहचान बनाने का सफर कुछ लोगों के लिए आसान है तो कुछ के लिए मुश्किल। मगर दोनों ही सफल और असफल एक्टरों के बीच एक चीज़ काॅमन है और वो है संघर्ष। ये संघर्ष सिर्फ तब तक नहीं करना पड़ता जब तक आप एक सफल एक्टर या एक्ट्रेस न बन जाएं। बल्कि तब तक करना पड़ता है जब तक आपकी सांसें हैं। जब तक आपके सीने में दिल धड़क रहा है यानी लाइफ टाइम।

चलिए आपको कुछ ऐसी सेलिब्रिटीज के बारे में बताते हैं जो रातों रात स्टार बन गईं और बाद में उनके सितारे गर्दिश में चले गए और उन्हें गुमनामी के अंधेरों में गुम कर दिया।

1. अनीता राज

दिल में हो तुम, आंखों में तुम, बोलो तुम्हें कैसे चाहूं। पुराने जमाने का भला ऐसा कौन सा व्यक्ति होगा जिसने इस गीत में खूबसूरत अदाकारा अनीता राज के जल्वों को नहीं देखा होगा। यह वो नाम है जो 80 के दशक में हर दिल की किताब पर छप चुका था। उस दौर में हर युवा इनकी एक्टिंग और अदाओं का दीवाना हुआ करता था।

अगस्त 13, 1962 को अनीता राज का जन्म मुंबई में हुआ था। इनके पिता जगदीश राज खुराना हिन्दी सिनेमा के प्रतिष्ठित अभिनेताओं में से एक थे। करीब 150 से अधिक फिल्मों में पुलिस की भूमिका निभाने वाले जगदीश ने लोगों के दिलों में एक ईमानदार पुलिस ओफिसर की छाप छोड़ी है। यही कारण है कि इनका नाम गिनीज़्ा बुक ऑफ़ वल्र्ड रिकाॅर्ड में भी दर्ज है।

आपको बता दें कि अनीता राज ने करीब 8 वर्षों तक कत्थक भी सीखा। लेकिन इनका डांस सीखने के पीछे का मकसद फिल्मों में जाना कतई नहीं था। उन्होंने इस बारे में कभी नहीं सोचा था। एक बार एन्वल डांस फंक्शन में निमार्ता-निर्देशक यश चोपड़ा बतौर मुख्य अतिथि वहां मौजूद थे। उन्होंने किसी से पूछा ये कौन हैं जो इतना अच्छा डांस कर रही हैं। तब पता चला कि ये जगदीश की बेटी हैं। फिर यश चोपड़ा ने जगदीश राज को फोन कर उनकी बेटी को फिल्मों में चांस देने का ऑफर किया। पिता ने बेटी अनीता को ये बात बताई तो वो फौरन फिल्मों में काम करने को तैयार हो गईं।

जाने माने एक्टर ए के हंगल के बेटे विजय हंगल ने अनीता राज के अलग अलग एंगल से फोटोशूट किया। एक अच्छा सा पोर्टफोलियो तैयार करवाया। अपनी खूबसूरत तसवीरों को देखकर एक पल के लिए तो अनीता भी हैरान रह गई थीं। जहां अनीता फिल्मों में काम करने की बात से खुश थे लेकिन उनके पिता ये नहीं चाहते थे कि वो फिल्मों में काम करें। बाद में किन्हीं कारणों से यश चोपड़ा उन्हें फिल्म ऑफर नहीं कर पाए लेकिन ऋषिकेश मुखर्जी ने उन्हें साइन कर लिया अपनी पहली फिल्म के लिए। वो भी उनकी पोर्टफोलियो से काफी प्रभावित थे।

अनीता की पहली फिल्म का नाम था ‘अच्छा-बुरा’। इस फिल्म में इन्होंने राज बब्बर के साथ काम किया। बता दें कि इससे पहले इन्हें लोग अनीता खुराना के नाम से जानते थे। लेकिन इस फिल्म के बाद उन्हें एक नई पहचान और एक नया नाम ‘अनीता राज’ दिया। यहीं से इनकी फिल्मों में एंट्री होनी शुरू हो गई। इनका फिल्मी सफर चल पड़ा।

इनकी कुछ फिल्मों के नाम हैं दूल्हा बिकता है, प्रेम तपस्या, जीत हमारी, मेहंदी रंग लाएगी और नौकर बीवी का आदि। इनकी आखिरी फिल्म थी प्रेम गीत। ऐसा कोई सुपर स्टार न था जिसने अनीता राज के साथ फिल्म में काम न किया हो। इनमें धर्मेंद्र, मिथुन चक्रवर्ती, गोविंदा, रजनीकांत, संजय दत्त, शत्रुघन सिन्हा और जीतेंद्र भी शामिल थे। इन अभिनेताओं के साथ अनीता की फिल्में हैं। गुलामी, जीने नहीं दूंगा, करिश्मा कुदरत का, जान की बाजी, इल्जाम, एक और सिकंदर, इंसानियत के दुश्मन, जल्जला, हवालात, हमसे न टकराना और बिल्लू बादशाह।

इन्होंने फिल्म प्रड्यूसर और डायरेक्टर सुनील हिंगोरानी से अफेयर चलने के कुछ समय बाद 1986 में विवाह कर लिया। पारिवारिक व्यस्तता के कारण इन्होंने आगे चलकर फिल्मों में काम करना बंद कर दिया। आज ये अभिनेत्री गुमनाम हो गई। मगर कई वर्षों बाद ये छोटे पर्दे पर ‘छोटी सरदारनी’ में काम कर रही हैं।

2. महिमा चैधरी

चलिए अब आपको बताते हैं महिमा चैधरी के फिल्मी सफर के बारे में। महिमा चैधरी का असली नाम था रितु चैधरी। इनका जन्म दार्जलिंग में 13 सितम्बर 1973 में हुआ। महिमा चैधरी ने वर्ष 1990 में मौडलिंग की दुनिया में एंट्री मारी। महिमा चैधरी ने अपने करियर के दौरान बहुत से विज्ञापनों में भी काम किया। महिमा की शादी मशहूर बिजनेसमैन बाॅबी मुखर्जी के साथ हुई थी। मगर इस शादी को किसी की नजर लग गई और ये शादी तलाक के मोड़ पर जाकर खत्म हुई। महिमा की एक आठ वर्ष की बेटी भी है।

महिमा को अपनी पहली फिल्म ‘परदेस’ में साइन करने वाले डायरेक्टर का नाम है सुभाश घई। इस फिल्म में वो शाहरूख खान और अपूर्व अग्निहोत्री के अपोजिट थीं। इस फिल्म के लिए उन्हें फिल्मफेयर सर्वश्रेष्ठ नवोदित कलाकार के अवाॅर्ड से भी सम्मानित किया गया।

इसके बाद उन्हें मिली थी फिल्म ‘दाग: दी फायर’। इसमें उन्होंने डबल रोल किया था। यहीं से उनका टर्निंग प्वाइंट शुरू हुआ और उन्होंने फिल्मों में काफी चैलेंज भरे किरदारों को निभाया। इनकी कुछ बेहतरीन फिल्मों में शामिल हैं लज्जा, बागबान, सैंडविच, ये तेरा घर ये मेरा घर, ओम जय जगदीश और दिल है तुम्हारा। बताते चलें कि महिमा चैधरी ने आमिर खान के साथ एक कोकाकोला का एड भी किया था।

अपने अफेयर्स को लेकर भी महिमा ने काफी ज्यादा सुर्खियां बटोरी। महिमा करीब छह वर्षों तक टेनिस प्लेयर लिएंडरपेस के साथ रिलेशनशिप में भी रहीं। लेकिन जल्द ही दोनों का ब्रेकप हो गया। सूत्रों का कहना है कि महिमा ने एक इंटरव्यू में कहा कि इसमें कोई शक नहीं कि लिएंडरपेस एक अच्छे टेनिस खिलाड़ी हैं लेकिन वो एक अच्छे इंसान बिलकुल भी नहीं हैं। महिमा ने लिएंडरपेस पर उन्हें धोखा देने का भी आरोप लगाया।

जब महिमा से उनके फिल्मी करियर में फेल होने की एक इंटरव्यू में वजह पूछी गई तो उन्होंने बताया कि सिंगल मदर होने के कारण ये बहुत मुश्किल था कि वो फिल्मों में काम करें। बाद में पैसे कमाने के लिए महिमा कई सारे ईवेंट्स में जाने लगीं और रियलिटी शो भी होस्ट करने लगीं। महिमा ने सलमान खान, शाहरूख खान और संजय दत्त जैसे सुपर डुपर हीरोज़् के साथ विभिन्न विल्मों में काम किया है।

3. मधु

‘रोजा जानेमन, तू ही मेरा दिल, तुझ बिन तरसे नैना’। दोस्तों ये गीत तो आप सब ने सुना ही होगा। ये गीत है फिल्म रोजा का। इस फिल्म ने बाॅक्स ऑफिस पर खूब धूम मचाई थी। उसी तरह धूम मचाई थी आज के दौर की मधुबाला यानी मधु का। जिन्होंने इस फिल्म में बेहतरीन किरदार निभाया। चलिए अब इनका फिल्मी सफर और इनके जीवन से जुड़ी कुछ बातें भी जान लेते हैं।

मधु का जन्म 26 मार्च 1969 में हुआ। मधु ने अपने फिल्मी करियर में कई सारी फिल्मों में काम किया। इनमें तेलेगू, कन्नड़, मल्यालम, तमिल तथा हिन्दी की भी कई सारी फिल्में शामिल हैं। मधु के पिता का नाम रघुनाथ और मां का नाम रेणुका था। वो ड्रीम गर्ल हेमा मालिनी की रिश्तेदार थीं। 13 वर्ष की उम्र में इन्होंने अपनी मां को कैंसर की वजह से खो दिया। इन्होंने बेबी मधु के नाम से बतौर चाइल्ड आर्टिस्ट फिल्मों में काम किया। इन्होंने रोशन तनेजा के स्कूल से एक्टिंग सीखी। इन्हें एक फिल्म ऑफर हुई तो ये बहुत खुश हो गईं। बाद में मालूम चला कि इन्हें फिल्म से निकाल दिया गया है।

मधु को पहली फिल्म मिली फूल और कांटे। ये वही फिल्म थी जिससे अजय देवगन को लाॅन्च किया गया था। इनकी पहली मल्यालम फिल्म का नाम था ‘उथायल पतालम’। उनकी फिल्म फूल और कांटे से अजय और मधु की जोड़ी लोगों के दिलों पर राज करने लगी।

इसके बाद एक फिल्म आई ‘रोजा’ जो हिन्दी और तमिल दोनों में बनाई गई थी। इसमें मधु ने बहुत बेहतरीन रोल किया। बालाचंद्रन की फिल्म ‘अभागन’में भी इनकी एक्टिंग को लोगों ने खूब सराहा। मधु ने करीब 30 फिल्मों में अपने अभिनय का जादू बिखेरा। जब ये तीस वर्ष की हुईं तो इन्होंने फिल्मों से दूरी बना ली। इनका विवाह बहुत बड़े उद्योगपति आनंद शाह से सम्पन्न हुआ। इनके पति जूही चावला के पति जय महता के कज़्न भाई हैं। इन्होंने कुछ टीवी सीरियल में भी काम किया।

4. गायत्री जोशी

अब हम बात करेंगे फिल्म ‘स्वदेश’ से अपने अभिनय की धाक जमाने वाली और रातों रात स्टार्डम पाने वाली अभिनेत्राी गायत्री जोशी की। गायत्राी का जन्म तो महाराष्ट्र के नागपुर जिले में हुआ लेकिन उनकी पढ़ाई मुंबई में ही हुई। काॅलेज में पढ़ाई करने के साथ ही साथ वो माॅडलिंग की दुनिया में भी अपने पैर जमा चुकी थीं। इस दौरान उन्होंने शाहरूख खान के साथ कई सारी एड फिल्मों की शूटिंग भी की। फिर आया इनकी जिंदगी का टर्निंग प्वाइंट।

गायात्री जोशी ने 1999 में फेमिना मिस इंडिया काॅंटेस्ट के टाॅप 5 में अपनी जगह बना ली। इसके बाद उन्हें ब्रेक दिया मशहूर गायक हंस राज हांस ने। गायत्री ने हंसराज की वीडियो झांझरिया में काम किया। जगजीत सिंह की एल्बम कागज की कश्ति में भी वो नजर आईं। एक दिन किसी प्रोड्यूसर ने उन्हें काॅल करके ऑडिशन देने के लिए बुलाया। वो फिल्म थी स्वदेश। गायत्राी ने ऑडिशन पास किया और फिर फिल्म में शाहरूख खान के अपोजिट काम किया। इस फिल्म के लिए गायत्री को डेब्यू अवाॅर्ड मिला।

लेकिन शायद किसमत को कुछ और ही मंजूर था। गायत्री ने बाॅलीवुड को अल्विदा कह दिया और ओबराॅय ग्रुप के मैनेजिंग डायरेक्टर विकास ओबराॅय से शादी कर ली और गायत्री जोशी से गायत्राी ओबराॅय बन गईं। गायत्री अपने बच्चों को भी इस फिल्मी दुनिया की चकाचैंध से दूर रखती हैं।

5. भाग्यश्री

चलिए अब आपको बताते हैं मशहूर एक्ट्रेस की गुमनामी की कहानी। फरवरी 23, 1969 को महाराष्ट्र के सांगली में एक राजघराने में इनका जन्म हुआ। इनके पिता का नाम है विजयसिंह राव माधवराव पटवर्धन था। ये सांगली के राजा भी हैं। भाग्यश्री ने अपने करियर की शुरूआत की फिल्म ‘मैने प्यार किया’ से। इस फिल्म ने भाग्यश्री के भाग्य को शेहरत की बुलंदियों पर पहुंचा दिया था। अपनी पहली ही फिल्म से इन्हें काफी नेम और फेम मिला। केवल अपने पिता के दम पर ही नहीं, बल्कि इन्होने खुद के दम पर लोगों के बीच अपनी पहचान बनाई। अपनी डेब्यू फिल्म के लिए ही इन्हें सर्वश्रेष्ठ पुरस्कार फिल्म फेयर मिला।

इसके बाद इन्होंने अलग-अलग भाषाओं की फिल्मों में काम किया जैसे कन्नड़, मराठी हिन्दी, तेलगू और भोजपुरी फिल्में। आपको बता दें कि भाग्यश्री ने अपनी पहली हिन्दी फिल्म के बाद शादी कर ली थी। फिर जो हुआ उसकी कल्पना खुद सलमान खान ने भी नहीं की थी। भाग्यश्री की एक ही जिद थी कि अगर वो फिल्मों में काम करेंगी तो सिर्फ अपने पति हिमालय दासनी के साथ ही काम करेंगी वरना नहीं। बस इसी जिद ने उनके फिल्मी करियर को बर्बादी के कगार पर लाकर खड़ा कर दिया। कुछ तो लोग कहेंगे, लोगों का काम है कहना। भाग्यश्री ने इस बात को एक इंटरव्यूह में साबित किया।

एक समय में यह चर्चा होनी भी शुरू हो गई थी कि उनके पति ने ही उन्हें फिल्मों में काम करने से रोक दिया है। भाग्यश्री ने अपने इंटरव्यूह में इस बात को नकारते हुए कहा कि ये पूरी तरह से उनका ही फैसला था। उनपर ये फैसला किसी ने नहीं थोपा है। उन्होंने कहा कि उनके लिए अपने पति और अपनी फैमिली ज्यादा इंपाॅटेंट है। इसीलिए उन्होंने फिल्में छोड़ने का फैसला किया है।

6. ग्रेसी सिंह

अब बात कर लेते हैं ग्रेसी सिंह की। दोस्तों, इन्हें भला कौन नहीं जानता। लगान और मुन्ना भाई एम बी बी एस जैसी फिल्मों में इन्होंने अपनी अदाओं के जल्वे बिखेरे हैं। लंबे अरसे तक ग्रेसी सिंह फिल्मी दुनिया में छाई रहीं। उनकी एक मुस्कुराहट को देखने के लिए लोग दीवाने थे। जुलाई 20, 1980 को दिल्ली में जन्मी ग्रेसी सिंह के पिता दिल्ली की एक प्राइवेट कम्पनी में उंचे ओहदे पर हैं। इनकी मां का नाम है वरजिंदर कौर जो कि पेशे से एक टीचर हैं।

इनके माता-पिता इन्हें इंजीनियर या डाॅक्टर बनाना चाहते थे। लेकिन इन्हें तो शुरू से ही एक्टिंग का कीड़ा था। पढ़ाई पूरी करने के बाद वो माॅडलिंग की दुनिया में आ गईं। आप में से शायद बहुत कम लोग जानते होंगे कि इन्हें पहचान मिली थी टी वी सिरियल ‘अमानत’ से। जब ग्रेसी सिंह इस सीरियल में लीड रोल प्ले कर रही थीं तभी इन्होंने आमिर खान की फिल्म लगान में काम करने के लिए स्क्रीन टेस्ट दिया और सिलेक्ट भी हो गईं। वैसे उन्होंने फिल्म ‘हम दिल दे चुके सनम’ में भी एक छोटी सी भूमिका निभाई थी।

लगान फिल्म इनके फिल्मी करियर की टर्निंग प्वाइंट साबित हुई। ग्रेसी सिंह को कई सारी फिल्मों के लिए ऑफर मिलने शुरू हो गए। आजकल फिल्मों में अंगप्रदर्शन का ट्रेंड सा चल पड़ा है। ग्रेसी सिंह को ये मंजूर नहीं था। शायद यही कारण था कि ग्रेसी सिंह को बहुत ज्यादा फिल्में नहीं मिल पाईं। इसके अलावा ग्रेसी सिंह की कुछ फ्लाॅप फिल्मों के बारे में भी आपको बताते हैं। उनकी फ्लाॅप फिल्में हैं ‘मुस्कान’, ‘अरमान’, ‘वजह’ और शर्त। शुरूआत में मिले स्टार्डम को ग्रेसी सिंह लंबे समय तक कायम नहीं रख पाईं।

ग्रेसी सिंह ने कई अभ्य भाषाओं की फिल्मों में भी काम किया है। लेकिन उनकी आखिरी सफल फिल्म थी वर्ष 2003 में रिलीज़ हुई फिल्म ‘गंगाजल’

इस फिल्म में उन्होंने एक पुलिसवाले यानी एस पी अजय देवगन की पत्नी की भूमिका निभाई। उन्होंने अपने फिल्मी करियर पर इतना ध्यान नहीं दिया। इसी कारण वो आज गुमनामी की जंजीरों में कैद हैं।

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