हैल्लो दोस्तों। आप में से बहुत से लोग ऐसे होंगे जो अपने घर में पक्षियों को पालने का शौक रखते होंगे या फिर पाल भी रहे होंगे। आपने अकसर घरों में देखा होगा तोता, मैना या अन्य कोई पक्षी को पालते हुए। इन पक्षियों के साथ खेलना सभी को पसंद होता है। ये बहुत ही प्यारे होते हैं। पक्षियों को पालना केवल शौक ही नहीं होता। ऐसा भी माना जाता है कि पक्षियों को पालने से या उनका ख्याल रखने से घर का वास्तु दोष भी ठीक होता है। कुछ लोगों का यह भी मानना है कि पक्षियों को पानी पिलाने से 7 ग्रह दोष भी दूर होते हैं।

कई बार ये देखा जाता है कि हम पक्षियों को पिंजरें में डाल कर ले तो आते हैं लेकिन उसका अच्छे से ख्याल नहीं रख पाते। हम इंसानों की तरह इन्हें भी प्यार चाहिए। हम इंसान बेशक भूल जाएं एक दूसरे के एहसानों को, लेकिन ये बे-जुबान पक्षी कभी नहीं भूलते। इसका एक उदाहरण है ब्राज़ील में। यहां के जोआऊ परेरा डिसूजा और पेंगुइन की दोस्ती ने सभी का दिल छू लिया है। रिपोर्ट की मानें तो कुछ वर्षों पहले तक रियो डि जेनेरियो के पास एक टापू पर जोआऊ मिस्त्री का काम किया करते थे। साथ ही पैसा कमाने के लिए वो कभी कभी मछलियां पकड़ने का काम भी करते थे।

ये बात है वर्ष 2011 की। जब वो मछलियां पकड़ने के लिए तट पर पहुंचे तो वहां उन्होंने चट्टानों के बीच पेंगुइन के छोटे से बच्चे को देखा। उस पेंगविन का शरीर तेल से सना हुआ था। वह पेंगविन ऐसे छटपटा रहा था जैसे कई दिनों से भूखा हो और उसकी जान जाने वाली हो। यह देख कर जोआऊ को उसपर दया आ गई। वे उसे अपने घर ले गए। उसे तब तक अपने साथ रखा जब तक वो पेंगुइन पूरी तरह से ठीक नहीं हो गई। इतना ही नहीं, उन्होंने पेंगुइन को एक प्यारा सा नाम भी दिया ‘‘डिनविन’’ जब उन्हें यकीन हो गया कि पेंगुइन अब पुराने माहौल में जी सकता है तब वो उसे पानी की लहरों में छोड़ आए।

परंतु कुछ वर्षों बाद वो पेंगुइन दोबारा उसी टापू पर लौटा। जहां जोआऊ से उसकी मुलाकात हुई थी। डिनविन उनके साथ उनके घर भी गया। वह साल के कुछ महीने जोआऊ के घर पर ही रहता है। जोआऊ का कहना है कि वो डिनविन को अपने बच्चे की तरह ही प्यार करते हैं और उसके मन में भी उनके लिए उतना ही प्यार है। आज हम आपको कुछ खास टिप्स देने वाले हैं जिन्हें जानना आपके लिए बेहद जरूरी है। इसकी मदद से आप अपने पालतू पक्षियों का गर्मी के मौसम में ख्याल रख पाएंगे।

चलिए शुरू करते हैं। हम इंसानों की ही तरह इन पक्षियों पर भी मौसम का बहुत अधिक प्रभाव पड़ता है। हमें मौसम को ध्यान में रखते हुए इनका खयाल रखना चाहिए। सबसे पहले आपको इस बात का ख्याल रखना होगा कि आपने अपने पक्षी के लिए कौन सी जगह चुनी है। जिस जगह आप उसका पिंजरा रख रहे हैं वहां का वातावरण कैसा है। आपको ऐसी जगह पर उसका पिंजरा नहीं रखना है जहां पर बहुत समय के लिए धूप पड़ती हो। अगर आप ऐसी जगह पर अपने दुलारे पक्षी को रख देंगे तो वह बहुत जल्दी बीमार पड़ जाएगा।

जैसे कि बैलकाॅनी में अगर आपने अपने पक्षी को रखा है तो उसके पिंजरे को पानी से भीगे हुए कपड़े से ढंक दें ताकि उसे ठंडक पहुंच सके। मान लीजिए अगर किसी दिन बहुत ही ज्यादा गर्मी पड़ रही हो तो उस दिन अपने पक्षी के ऊपर सुबह के समय पानी का स्प्रे करें। जिससे उसके शरीर का तापमान नाॅर्मल बना रहे। यही प्रक्रिया आपको शाम के समय भी करनी है। स्प्रे करते समय एक बात का खास ध्यान रखें कि आप कभी भी दोपहर के समय पक्षी पर पानी का स्प्रे न करें।

क्योंकि दोपहर की गर्मी और पानी के स्प्रे से आपके पक्षी को काफी ज्यादा नुकसान पहुंच सकता है और वो बीमार हो सकता है। दोस्तों, जब भी हमें अंदर से बहुत ज़्यादा थकान महसूस होती है तो हम एनर्जी के लिए ग्लूकोस या ओ आर एस का घोल पी लेते हैं और हमें ताकत मिल जाती है। ऐसा ही कुछ गर्मी के मौसम में इन पक्षियों के साथ होता है। फर्क सिर्फ इतना है कि हम अपनी तकलीफ बता भी सकते हैं और समझ भी सकते हैं। लेकिन ये बेचारे बे-जुबान नहीं समझा सकते।

इसलिए प्रिकाॅशन के तौर पर हमें अपने पक्षी को ग्लूकोस या फिर ओ आर एस का घोल पिलाना चाहिए। जिससे अगर उसे कोई कमजोरी महसूस हो भी रही होगी तो उसे एनर्जी मिल जाएगी। गौर करने वाली बात यह है कि अगर ज्यादा गर्मी पड़ रही हो तो आपके बर्ड को काफी दिक्कतें हो सकती हैं। उसे अधिक गर्मी के कारण हार्ट अटैक भी आ सकता है। इस कारण उसकी जान भी जा सकती है। उसे ठंड और गर्म की वजह से तेज़ बुखार भी हो सकता है। ऐसा होने पर आपका बर्ड अपने पिंजरे में तेजी से घूमने लगता है।

बहुत बार ऐसा देखने को मिलता है कि जब बहुत अधिक गर्मी होती है तो तोते मर जाते हैं। क्या आपने कभी इसका कारण जानने की कोशिश की है? चलिए हम बताते हैं। ज्यादा टेम्परेचर होना तोते सहन नहीं कर पाते हैं। 35 से 40 डिग्री की गर्मी इनके लिए जानलेवा साबित हो सकती है। जब तोते को ज़्यादा गर्मी लगने लगती है तो वह अपने पंखों को फैला लेता है और तेज़-तेज़ हांफने लगता है। ऐसे में अपने प्यारे पैरेट को बचाने के लिए आपको उसका विशेष ध्यान रखना होगा।

आप उसे खुले छत पर कभी भी न छोड़ें। जहां पर आप रहते हैं वहीं फैन के नीचे अपने तोते को भी रखें। साथ ही घर की खिड़कियों को खोल दें ताकि क्राॅस वेंटिलेशन होता रहे। अपने तोते को आपको डेली बाथ देना है। बाथ देने के बाद उसे ज़्यादा से ज़्यादा 5 मिनट के लिए ही धूप में रखें। इससे अधिक देर नहीं रखना है उसे धूप में। अपने दुलारे तोते को नहलाने का समय भी निश्चित करें। उसे केवल सुबह 8 से 9 बजे के बीच ही नहलाएं। उसे आप दिन के समय में बिलकुल भी न नहलाएं। ऐसा करने से आपका तोता बीमार पड़ सकता है।

गर्मी के मौसम में अपने पक्षी को डेली फ्रूट्स खिलाएं। यह उसे ठंडा रखेगा। आप उसे सेब, अमरूद या तरबूज भी दे सकते हैं। आप अपने तोते को गन्ना खाने को दें। साथ ही उसके सामने हमेशा पानी से भरा कटोरा रखें। जिससे जब भी उसे प्यास लगे तो वो खुद पी ले। आपको उसके लिए रखे पानी को टाइम टू टाइम चेंज भी करते रहना है। क्योंकि गर्मी में पानी भी गर्म हो जाता है। अगर बहुत ज़्यादा गर्मी हो रही हो तो उसे एसी में न रखें। उसे हमेशा कूलर या फैन के सामने ही रखें। हमें पैरेट के लिए कभी भी दिन के समय पंखा नहीं चलाना चाहिए। ऐसा करने से वो बीमार पड़ जाएगा।

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