नमस्कार दोस्तों। स्वागत है आपका हमारी वेबसाइट पर। हां हम जानते हैं दोस्तों कि आप सब घर में बैठकर बोर हो रहे होंगे। वो कहते हैं न मजबूरी का नाम महात्मा गांधी। क्या करें, रहना पड़ रहा है घर में। बाहर एक बड़ा सा राक्षस जो घूम रहा है जिसका नाम है कोरोना वायरस। आप में से बहुत से ऐसे लोग होंगे, जिन्हें आउटिंग करना यानी कहीं बाहर घूमने जाना पसंद है और कोरोना के कारण घर से बाहर नहीं जा पा रहे हैं। तो हम हैं न।

आज हम आपको करवाने वाले हैं एक बहुत ही शानदार और खूबसूरत जगह की सैर। आप समझ ही गए होंगे। जी हां। हम बात कर रहे हैं कसौली की। आज हम आपको पूरी जानकारी देने वाले हैं कसौली के बारे में। ताकि जब लाॅकडाउन खुले और आपको घूमने जाने का मन करे तो आप यहां पर आ सकते हैं। कसौली हिमाचल प्रदेश के सोलन जिले में स्थित एक बेहद खूबसूरत शहर है। यहां पर आपको प्रकृति का भरपूर आनंद लेने का मौका मिलेगा। यहां की हर एक जगह आपको सेल्फी प्वाइंट लगेगी। क्योंकि ये शहर है ही इतना सुंदर।

ब्रिटिश राज में कसौली को कैंटोनमेंट के रूप में स्थापित किया गया था। शायद आप में से बहुत कम लोग इस बात को जानते होंगे कि ब्रिटिश राज में कसौली का नाम कुछ और था। उस समय इसे कर्नल हिल स्टेशन कहा जाता था। जिन लोगों को भीड़-भाड़ वाली जगह से दूर और एक शांत वातावरण में क्वालिटी टाइम स्पेंड करने का मन करता है। साथ ही जिन लोगों के पास किसी कारण वश ज्यादा दिन नहीं है घूमने के लिए और वो कहीं दूर नहीं जाना चाहते हैं। तो हम आपको यही सजेस्ट करेंगे कि आप इस जगह आकर लाइफ को कम दिनों के लिए ही सही पर फुल इंज्वाय कीजिए।

आपने वो डायलाॅग तो सुना ही होगा ‘‘ज़िन्दगी ना मिलेगी दोबारा’’। आप यहां अपने दोस्तों, रिश्तेदारों और अपनी फैमिली के साथ घूमने आये और यहां की रंगीन वादियों में खो जाये। भूल जाइये सारी टेंशन। कसौली में हर साल लाखों देशी-विदेशी सैलानी घूमने के लिए आते हैं। जब आप चंढीगढ़ से शिमला की ओर जाने लगेंगे तो रास्ते में आपको दिखेगा ये अद्भुत शहर। जो घिरा है चारों तरफ ऊंची-ऊंची पहाड़ियों से। ये शहर हिमाचल राज्य के दक्षिण-पश्चिम भाग में बसा हुआ एक छोटा सा शहर है। यह हिमालय के निचले किनारों पर बसा हुआ है। यहां पर आपको देवदार के सुंदर पेड़ देखने को मिल जाएंगे जो इस शहर की सुंदरता में चार चांद लगाते हैं।

कसौली को ब्रिटिशों के बनाए हुए अप्रतिम विक्टोरियन इमारतों की वजह से पूरे भारत में जाना जाता है। इसका निर्मल वातावरण सभी को अपनी ओर खींच ही लेता है। यहां पर बनी विक्टोरियन संरचनाएं अपने आप में एक गौरवशाली इतिहास को समेटे हुए हैं। बता दें कि कसौली के घने जंगलों में विभिन्न प्रकार की प्रजातियां पाई जाती हैं। जो आज लुप्त होने की कगार पर हैं। कसौली को छोटी शिमला भी कहा जाता है। साथ ही इसे मिनी इजराइल भी नाम दिया गया है। समुद्र तल से इसकी ऊंचाई 1795 है। आइए अब जान लेते हैं कसौली के इतिहास के बारे में।

कसौली का इतिहास

दोस्तों, कसौली का इतिहास लगभग 17 वीं शताब्दी के समय का है। ये बात उस समय की है जिस समय हरियाणा राज्य में रेवाड़ी के कई राजपूत घराने से संबंधित परिवारों ने राजनीतिक परिस्थितियों के कारण ष्कसूलष् क्षेत्र जाने का निर्णय लिया था। परंतु अंग्रेजों ने जब इस स्थन की प्राकृतिक सुंदरता, वातावरण और गौरव को देखा तो उन्होंने इसे स्थानीय राणा से खरीद लिया था। इतना हीं नहीं, उन्होेंने इसे चैकी दलों में भी बदल दिया था। इस जगह की खूबसूरती का जब उन्होंने एहसास किया तो इसके चारों तरफ हिल स्टेशन को विकसित कर दिया। चलिए अब आपको बताते हैं कि आप यहां पर कौन कौन सी जगह घूम सकते हैं।

कसौली ब्रूअरी

दोस्तों, वैसे तो शराब का सेवन करना हानीकारक होता है। लेकिन फिर भी अगर आपको विदेशी शराब का सेवन करने का मन है और अन्य पेय पदार्थों का सेवन करना चाहते हैं तो आप यहां आ सकते हैं। यहां पर अलग-अलग वैराइटी के ड्रिंक्स मिल जाएंगे जो कि बहुत फेमस भी हैं। इसे 1820 के दशक में बनाया गया था। यहीं पर एडवर्ड डायर ने शराब की भठ्ठी स्थापित की थी। इन्होंने ब्रिटेन से उस समय उपकरण मंगवाए थे जब यहां पर ब्रिटिश ईस्ट इंडिया कंपनी का कब्जा हुआ करता था। यहां की जलवायु स्कॉटलैंड की जलवायु से काफी मिलती जुलती है। यहां स्थापित की गई शराब की भठ्ठी ताजा पीली भारतीय शराब और व्हिस्की के लिए प्रसिद्ध है।

क्राइस्ट चर्च

हिमालय की खूबसूरत वादियों से घिरा ये क्राइस्ट चर्च यहां के फेमस पर्यटन स्थलों में से एक है। यह एक ऐतिहासिक क्राइस्ट चर्च है। हाल ही में वर्ष 2017 में यह चर्च अपनी 175वीं वर्षगांठ की ओर बढ़ा था। यह चर्च कसौली के माॅल रोड के केंद्र में स्थित है। इस चर्च को 1853 में अंग्रेजों ने बनवाया था। इसे बनाने में अद्भुत-नव-गॉथिक वास्तुकला का प्रयोग किया गया था जो इसकी भव्यता प्रतीक है। यहां ग्लास से बनी खिड़कियां पर्यटकों को अपनी ओर आकर्षित करती हैं। इस चर्च में जाने पर पर्यटकों को एक अलग ही शांति का एहसास होता है। आप अगर यहां घूमने का प्लान कर रहे हैं तो इस चर्च में जरूर विजिट करें।

सनसेट प्वाइंट

अगर आप कसौली घूमने आए हैं या आने का प्लान बना रहे हैं तो आपको यहां का फेमस सनसेट प्वाइंट जरूर विजिट करना चाहिए। जो लोग प्रकृति के इस अद्भुत नजारे यानी सूर्यास्त का नजारा देखना चाहते हैं उनके लिए ये जगह परफेक्ट है। यह बहुत ही शांत वातावरण वाला स्थान है। इस स्थान को देखने हजारों की संख्या में पर्यटन यहां प्रतिदिन आते हैं। सूर्यास्त के वक्त इस स्थान पर एक शानदार दृश्य देखा जा सकता है। लेकिन देर शाम होने से पहले आपको चाहिए कि आप वहां से वापस आ जाएं। यहां पर जाने के लिए एक पैदल मार्ग भी है जिसे गिल्बर्ट ट्रेल के नाम से भी जाना जाता है।

माल रोड

अब आपको सैर करवाते हैं हम माल रोड की। इस जगह को यहां का सबसे खास जगहों में गिना जाता है। माल रोड में ही इस शहर का मेन शाॅपिंग काॅम्पलेक्स है। यहां पर आपको कई सारी दुकानें मिल जाएंगी जहां पर अलग-अलग तरह के आपकी जरूरत के हिसाब से सामान मिल जाएंगे और वो भी बिलकुल बजट में। अब जाहिर सी बात है, जब आप यहां पर घूमेंगे तो आपको भूख भी लगेगी। इसका भी साॅल्यूशन यहां पर मौजूद है। यहां आपको कई सारे रेस्टोरेंट मिल जाएंगे जहां पर आपका मन पसंद खाना मिल जाएगा। माल रोड पर की कसौली क्लब भी है जो कि सबसे अधिक प्रसिद्ध है। शाम के समय यहां सुंदर लाइटिंग भी देखी जा सकती है। आप यहां पर जरूर विजिट करें।

मंकी पॉइंट

दोस्तों, अगर हम बात करें कसौली के सबसे ऊंचे स्थान की तो वो है मंकी प्वाइंट। यह एक खास पर्यटन स्थल भी है। पौराणिक मान्यता के अनुसार जब भगवान हनुमान संजीवनी बूटी लेने के बाद यहां से गुजर रहे थे तो यहीं पर उनका पैर लगा था। यहां पर बंदरों का जमावड़ा लगा रहता है। यही कारण है कि इस स्थान का नाम मंकी प्वाइंट पड़ा। यहां से हम सबसे आकर्षक दृश्य तथा बर्फ से ढकी चोटियों को देख सकते हैं। इस पहाड़ी की चोटी पैर के आकार की है जो इसे बेहद खास बनाती है। मंकी प्वाइंट को मेंटेन रखने की जिम्मेदारी भारतीय वायु सेना की रहती है। एक और बात, यहां पर जाना है तो आपको विशेष परमिट लेना पड़ेगा। यहां पहाड़ी के ऊपर भगवान हनुमान का मंदिर भी स्थापित है।

कृष्ण भवन मंदिर 

इस मंदिर का निर्माण 1926 में किया गया था। यहां की अद्भुत वास्तुकला आपका मन मोह लेगी। इस मंदिर के निर्माण में यूरोपीय और भारतीय शैली की वास्तुकला का मेल देखा जा सकता है। इस मंदिर की खासियत है कि यह एक चर्च के जैसा बना है। यह स्थान कसौली के सबसे प्रमुख तीर्थ स्थलों में गिना जाता है। हर साल यहां पर काफी संख्या में पर्यटक इस स्थान को देखने आते हैं।

श्री बाबा बालक नाथ मंदिर

आइए अब आपको लेकर चलते हैं श्री बाबा बालक नाथ मंदिर में। यह कसौली का प्राचीन और भव्य मंदिर है। बाबा बालक नाथ जो भगवान भोलेनाथ के प्रबल अनुयायी थे उन्हीं को यह मंदिर समर्पित है। कसौली से महज़ तीन किलोमीटर की दूरी पर यह मंदिर स्थित है। यहां पर आप बस या फिर टैक्सी से भी जा सकते हैं। स्थानीय लोगों के अनुसार यहां पर ऐसी मान्यता है कि अगर यहां पर कोई भी निःसंतान दम्पत्ति आता है और प्रार्थना करता है तो उसे जरूर संतान की प्राप्ती होती है।

गुरुद्वारा श्री गुरु नानकजी

दोस्तों, अब गुरुद्वारा श्री गुरु नानकजी के दर्शन भी कर लीजिए। यह एक गुरुद्वारा ही नहीं बल्कि कसौली का फेमस धार्मिक स्थल है और पसंदीदा पर्यटन स्थल भी। यहां पर रोज़ भारी संख्या में लोग दर्शन और गुरुनानक जी का आशीर्वाद प्राप्त करने आते हैं। इसके साथ ही, हर रविवार को यहाँ विशेष कार्यक्रम का आयोजन भी किया जाता है। इस गुरुद्वारे में रहने की सुविधा भी है।

गोरखा किला

कसौली में मौजूद गोरखा किला अपने आप में गोरखा के साहस की कहानी कहता है। एक समय में गोरखा वंश का भारत में शासन हुआ करता था। गोरखा किले का निर्माण 1900 ईण् में करवाया था। इसका निर्माण गोरखा सेना के प्रमुख अमर सिंह थापा ने करवाया था। इसका मकसद था पाल युद्ध में ब्रिटिश सेना को हराना। इस किले के आसपास घिरे घने जंगल इसे एक अलग ही सुंदरता प्रदान करते हैं।

टिम्बर ट्रेल

अगर आप एक शांत वातावरण चाहते हैं तो आपको यहां पर आकर एक अलग ही सुकून मिलेगा। टिम्बर ट्रेल एक बेहतरीन और सुंदर पर्यटन स्थलों में से एक है। यहां की सुंदरता को और भी बढ़ाते हैं देवदार और शंकुधारी पेड़। यहां पर एडवेंचर एक्टिविटी में आप पहाड़ो पर ट्रैकिंगए रोप-वेए लॉन्ग ड्राइवए राइडिंग का आनंद भी उठा सकते हैं। कसौली में चीड़ए बान के पेड़ भी पाए जाते हैं।

कसौली जाने का सबसे अच्छा समय क्या है

फ्रेंड्स, यहां आप अगर गर्मी के मौसम में आएंगे तो और भी खुलकर यहां की ठंडी हवाओं का आनंद ले सकेंगे। क्योंकि सर्दी के मौसम में यानी दिसम्बर और जनवरी के दौरान यहां पर कुल्फी जमा देने वाली ठंड पड़ती है। क्योंकि यहां की जलवायु ठंडी है। जो लोग एडवेंचर को पसंद करते हैं वो यहां पर मानसून के मौसम में आ सकते हैं।

कसौली में होटल और रिसॉर्ट्स

कसौली में आपको अलग-अलग तरह के अपने बजट के हिसाब से रिसॉर्ट्स मिल जाएंगे। अगर आपका बजट कम है तो आप यहां पर 500 रुपए प्रतिदिन वाला रिसाॅट बुक करा सकते हैं। बजट की कोई टेंशन नहीं है तो आप यहां 3 से लेकर 5 स्टार तक का रिसाॅर्ट आसानी से बुक कर सकते हैं।

कसौली में स्थानीय भोजन

कसौली घूमने आने वाले लोगों को यहां पर खने की अलग-अलग और यूनीक वैराइटी मिल जाएगी। यहां आपको खसखस का हल्वा भी खाने को मिल जाएगा। जो कि यहां का पारंपरिक व्यंजन है। यह आपके मुंह में जरूर पानी ले आएगा। अगर आपने इसे खा लिया तो लगेगा फुल पैसा वसूल हो गया। इसके अलावा आप कढ़ी और सिदू जो कि एक ब्रेड होती है उसे भी ट्राई कर सकते हैं। यहां ग्रीन जिंजर टी आप पी सकते हैं जिसमें कि मसाले और दालचीनी भी मिले होते हैं। यहां पर आप इस चाय को जरूर ट्राई करना। इसके अतिरिक्त आप यहां पर आलू टिक्कीए बन समोसा, छोले भटूरेए ब्रेड पकोड़ेए कचोरी खा सकते हैं।

कसौली कैसे पहुंचे

अगर आप यहां पर फ्लाइट से आना चाहते हैं तो आपको सबसे निकटतम एयरपोर्ट पड़ेगा चंडीगढ़ का। चंडीगढ़ एयरपोर्ट से कसौली 70 किलोमीटर दूर है। कसौली के लिए आपको एयरपोर्ट के बाहर कम कीमतों पर टैक्सी भी मिल जाएगी। सड़क मार्ग से जा रहे हैं तो आपको दिल्ली और चंडीगढ़ से कसौली के लिए लगातार बस मिलती रहती है। यहां की सड़कें काफी अच्छी हैं और आपकी यात्रा सुखद रहेगी।

तो दोस्तों, आशा करते हैं कि आपको हमारा ये आर्टिकल पसंद आया होगा। फिर मिलेंगे एक नई जानकारी के साथ। इसी तरह की और भी जानकारी के लिए बने रहिए हमारी वेबसाइट के साथ। नमस्कार।