नमस्कार दोस्तों, आज हम आपके लिए लेकर आ गए हैं टेकनोलाॅजी की दुनिया की एक विशेष जानकारी। आज हम आपको बताएंगे आरोग्य सेतु एप के बारे में। आपने रामायण के उस सेतु के बारे में तो सुना ही होगा दोस्तों, जिसकी मदद से भगवान श्री राम ने लंका जाकर मां सीता को दुष्ट रावण के चंगुल से छुड़ाया था। इसे ही बाद में राम सेतु का नाम दिया गया। परंतु आज के जमाने में एक और सेतु है जो एक राक्षस से बचने में लोगो की मदद कर रहा है। उस राक्षस का नाम है ‘कोरोना वायरस’ तथा उस सेतु का नाम है आरोग्य ‘सेतु’ एप। 

दरअसल, यह भारत में केंद्र सरकार के द्वारा लाॅंच की गई एक ऐसी एप है जिसकी मदद से हम कोरोना से जुड़े सभी पहलुओं को जानकर अपनी जान बचा सकते हैं। जब भी हम कोरोना वायरस के बारे में सोचते हैं तो हमारे रोंगटे खड़े हो जाते हैं। आखिर इस कोरोना का अंत क्या है कोई नहीं जानता। अब तक लाखों परिवार इस कोरोना के कारण उजड़ चुके हैं। इसी के प्रकोप से लोगों को बचाने के लिए और उन्हें इस वायसर के प्रति जागरूक करने के लिए भारत सरकार ने ये एप बनाई।

इस एप का नाम सार्थक इसलिए है क्योंकि यह कोरोना वाॅरियर्स यानी जो इस जंग में फ्रंट फुट पर हमारी मदद कर रहे हैं उनके और हमारे बीच एक सेतु का काम करता है। मान लीजिए कि आपको कोई बीमारी हो गई है और आप उससे अनजान हैं क्योंकि उसके कोई सिम्पटम नजर नहीं आ रहे हैं। आप अचानक रेगुलर चेकप के लिए डाॅक्टर के पास गए तो आपको पता चले कि आपकी बीमारी तो लास्ट स्टेज पर है। तो आपका क्या हाल होगा?

लेकिन अगर आप किसी भी खतरनाक बीमारी के होने से पहले ही उसके साथ लिए जाने वाले प्रिकाॅशन्स अपनाएंगे तो आपको वो रोग होगा ही नहीं। बस इसी सिस्टम पर काम करता है आरोग्य सेतु एप। ये एप इतना इम्पोर्टेन्ट है कि एक बार देश के नाम संबोधन में प्रधानमंत्री मोदी ने देश की जनता से पांच आग्रह किए थे। उनमें से एक आग्रह यह भी था कि सभी लोग अपने मोबाइल में आरोग्य सेतु एप को डाउनलोड करें। इतना ही नहीं, बल्कि उन्होंने यह भी कहा कि एक-एक व्यक्ति कम से कम 40 लोगों के फोन में इस एप को डाउनलोड कराए। अब बात प्रधानमंत्री के मुंह से निकली थी तो अमल करना ही था। नतीजा ये हुआ कि इसके लाॅंच होते ही करोड़ों लोंगों का यह पसंदीदा एप बन गया।

आज हम आपको बताते हैं इस एप की खासियतों के बारे में। यह एप न केवल एंड्राॅयड बल्कि एप्पल के फोन में भी सही तरीके से काम करता है। लाॅंच होते ही करोड़ों लोगों ने इसे डाउनलोड कर लिया था। यह एप कोरोना संक्रमण के जोखिम का आकलन करने में हेल्प करता है। इस एप के जरिए आपको यह पता चल जाता है कि आपके आसपास कितने ऐसे लोग हैं जो कि कोरोना पॉजिटिव हैं। कई बार ये होता है कि आप जिससे मिलते हैं वो आपको ये नहीं पता चलने देता है कि उसको कोरोना है। जैसा कि आप जानते हैं कोरोना बहुत तेजी से फैलता है। उसके जरिए यह आपको भी हो सकता है।

इस एप को यूज़् करने के लिए आपका ब्लूटूथ एक्टिव होना चाहिए। इसके बिना ये काम नहीं करेगा। साथ ही आपका मोबाइल नंबर और लोकेशन भी आन होना जरूरी है। तभी आपको पता चल सकेगा कि आपके आसपास कौन-कौन कोरोना की चपेट में आया हुआ है। अब जानते हैं कि इस एप का इस्तेमाल करना कैसे है। इसके लिए आप सबसे पहले अपने फोन पर आरोग्य सेतु एप डाउनलोड कर लें। इस एप को आप गूगल अप्प स्टोर से डाउनलोड कर सकते हैं। ध्यान रहे दोस्तों, कि आप जब इसे गूगल अप्प स्टोर में सर्च करें तो आरोग्य और सेतु के बीच में गैप न हो। आरोग्यसेतु ही अंग्रेजी भाषा में बिना गैप दिए लिखा होना चाहिए।

एक बार इस एप को डाउनलोड करने के बाद इसे ओपन करें। जब एप ओपन होगा तो सबसे पहले आपसे पूछा जाएगा कि आपके फोन में यह एप किस भाषा में रहेगा हिन्दी या अंग्रेजी। अपनी भाषा को सेलेक्ट कर लें। वैसे आपको बता दें, यह एप 11 भाषाओं में उपलब्ध है। फिर आपके पास नया पेज खुलेगा जोकि इन्फाॅर्मेशन का पेज होगा। इसे ध्यान से पढ़कर फिल करने के बाद आप रजिस्टर नाओ पर क्लिक करें। ध्यान रहे कि इस एप को यूज़्  करते समय आपका ब्लू टूथ आन होना चाहिए। इसके अलावा इस एप को जीपीएस डेटा की भी जरूरत पड़ती है। इसके लिए एप द्वारा अलाउ और डोन्ट अलाउ का ऑप्शन दिया जाएगा। एप को काम करने की परमीशन देने के लिए अलाउ बटन पर क्लिक करें।

यह एप इसकी मदद से काॅन्टैक्ट टेस्टिंग और मोबाइल डाटा का इस्तेमाल करके यह बताता है कि आप  कोरोना के जोखिम के दायरे में है या उससे बाहर हैं। जब आप अपने मोबाइल नंबर को इस एप में रजिस्टर करेंगे तभी ये एप काम करेगा। मोबाइल नंबर डालने के बाद एक ओ टी पी आएगा। उसे फीड करके आपका नंबर वेरीफाई हो जाएगा। एक वैकल्पिक फॉर्म भी आता है। इसके जरिए आपका पेशा, उम्र, नाम तथा पिछले 30 दिनों के दौरान विदेश यात्रा की जानकारी ली जाती है। आप चाहें तो इस फाॅर्म को स्किप भी कर सकते हैं।

अगर आप चाहते हैं कि आप जरूरत मंदों की मदद करें तो आप वाॅलेंटियर ऑपरेशन में अपना नाम दर्ज करा सकते हैं। यह एप रंगों के माध्यम से आपको बताता है कि आपके पास कितना खतरा कोरोना का मौजूद है। एप पीले और हरे रंग के जरिए आपको खतरा होने या न होने का एहसास कराता है। अगर आपके आस पास कोरोना का खतरा है तो यह एप आपको सुझाव देगा कि आपको क्या करना चाहिए। अगर आपको ग्रीन रंग दिखाया जाता है तो ‘आप सुरक्षित हैं’।

नेशनल इंफोर्मेटिक्स सेंटर ;छप्ब्द्ध तथा सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय ने एक साथ मिलकर इस एप को लोगों की मदद के लिए बनाया है। अगर आपको पीला रंग दिखाई दे इस एप में तो खतरे की घंटी है। ऐसी स्थिति में आपको तुरंत कोविड हेल्पलाइन में संपर्क करके अपने एप के स्टेटस के बारे में जानकारी देनी चाहिए ताकि डाॅक्टर की टीम आकर आपकी मदद कर सके। इस एप पर आप सेल्फ एसेसमेंट टेस्ट फीचर का यूज़् भी कर सकते हैं। इसके लिए ऑप्शन पर क्लिक करें। फिर यह एप चैट विंडो खोल देगा, इसमें यूजर के लक्षण और उसकी सेहत से जुड़े कुछ अहम सवाल पूछे जाएंगे जिससे पता चल जाएगा कि आप कोरोना की चपेट में हैं या नहीं। इस एप में आप कोरोना वैक्सिनेशन सेण्टर के लिए स्लाॅट बुकिंग भी आसानी से कर सकते हैं।